
क्या करें : -
- नियमित रूप से हर रोज कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करें।
- हर रोज योग और ध्यान की प्रैक्टिस कम से कम 15 मिनट तक करें।
- हर रोज छह से आठ घंटे की नींद ले।
- खूब सारी हरी सब्जियां, फल और मेवों का सेवन करें।
- हर रोज प्रचुर मात्रा में पानी पिएं। एक दिन में कम से कम डेढ़ से दो लीटर तक पानी पिएं।
- मछली का सेवन करें क्योंकि उसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जोकि हृदय को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।
- रिलैक्स करने की तकनीक जैसे म्यूजिक थेरेपी, अरोमा थेरेपी आदि की मदद ले सकते है।
- अनाव को मैनेज करने के लिए आप आध्यात्मिक तकनीकों का प्रयोग कर सकते है।
- अपने वजन का ध्यान रखें। पुरुषों की कमर का माप 90 सेंटीमीटर से ज्यादा और महिलाओं में 80 टीमीटर सेंटीमीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
- अपने अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढ़ने का प्रयास करें। एचडीएल पुरुषों में 40 एमजी प्रतिशत से ज्यादा और महिलाओं में ५० एमजी प्रतिशत होना चाहियें।
- अपने ब्लड शुगर को नियंत्रित रखे। ब्लड शुगर फास्टिंग 110 से कम होनी चाहिए।
क्या न करें :-
- तम्बाकू का सेवन किसी भी रूप में।
- ट्रांसफैट्स का सेवन।
- अपनी जीवनशैली को ख़राब।
- ज्यादा नमक का सेवन। टमाटर सॉस, आलो के चिप्स, तले खाद्य पदार्थ, अचार, आदि में नमक बहुत ज्यादा होता है इसलिए इनका सेवन करने से बचे।
- वजन का बढ़ाना या मोटापे का शिकार होना।
- ज्यादा मात्रा में एल्कोहल का सेवन।
- बहुत तेज ठन्डे मौसम में घूमना।
- फैट से भरपूर डायट जैसे जंक फ़ूड, मिठाई आदि।
- रेड मीट और अंडे का पीला भाग का सेवन।
- डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी नैजल ड्रॉप यानि नाक में डालने वाले ड्रॉप का सेवन न करें।
- वेट लिफ्टिंग या पुश-अप न करें, यह आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकते है।
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