गुरुवार, 14 जनवरी 2016

गलतियां पोषण संबंधी


हम आज कुछ ऐसी पोषण संबंधी गलतियों के बारें में चर्चा करने जा रहें है, जो हम सभी करते है और हमें इस बात का पता भी होता की हम ऐसी गलतियां कर रहे है।  
  • जूस या फल : हम में से अक्सर कुछ लोग ऐसे है जोकि फ्रूट जूस को फल से ज्यादा प्राथमिकता देते है। कुछ को लगता है फल तरल होते है तो यह शरीर में पानी की कमी होने से बचाव करते है। जबकि कुछ को लगता है कि एक बार में एक संतरा खाने से बेहतर है की आप दो-तीन संतरों का रस पी ले। मगर यह गलत है। यदि आप फल साबुत कहते है तो इससे शरीर को पोषक तत्वों के अलावा फाइबर के लाभ भी मिलते है। जो पाचन में मदद करते है।  
  • रियल अपनाएं : डिब्बा बंद हेल्थी फ़ूड की जगह आप असल के पौष्टिक भोजन का सेवन करें। दाल, साग-सब्ज़ी व फलों का सेवन करें। डिब्बा बंद प्रोडक्ट्स में प्रिज़र्वेटिवेस होते है जोकि सेहतमंद नहीं होते है।  
  • खाना न खाना : कई बार वज़न बढ़ने के डर से अक्सर काम खाना खाते है। या फिर कई घंटों बाद खाते है जिसकी वजह से वजन कम होने की बजाय और बढ़ने लगता है। यदि आप वजन कम करना चाहते है तो सही डाइट को अपनाएं।  
  • खाना बार बार खाना : कई बार कुछ लोग इस रूल को अपनाते है की बार-बार खाने से शरीर का वजन नही बढ़ता है। मगर यह तभी संभव है यदि आप काम अंतराल में कम-काम खाना खाएं। ज्यादा बार खाने का अर्थ ज्यादा खाना खाना नहीं है।  
  • केवल हेल्थी फ़ूड को न कहें : हर बार हेल्थी फ़ूड या हेल्थ सप्लीमेंट्स के पीछे न भागे। पौष्टिक व संतुलित डाइट का सेवन करें और स्वस्थ रहें।
ध्यान रहें केवल कैलोरी के पीछे न पड़ें, स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं और संतुलित भोजन का सेवन करें। एक्सरसाइज करें और फिट रहें। 

गुरुवार, 7 जनवरी 2016

स्किन रेसोलुशन

हर साल की शुरुआत में हम कोई-कोई न रेसोलुशन बनाते है।  क्यों न इस बार हम अपनी हेल्थ के साथ-साथ अपनी स्किन के लिए भी कुछ ऐसे रेसोलुशन बनाते है जिससे हमारी स्किन पूरे साल दमकती और स्वस्थ रहें। 
  • मॉइस्चराइज़ करें : वैसे तो हमारी स्किन में प्राकृतिक नमी होती है।  मगर उम्र के बढ़ने के साथ -साथ और प्रदूषण व ख़राब जीवनशैली के कारण इसकी नमी में कमी आने लगती है। इसलिए जब में नहाये या मुंह धोएं अपनी स्किन को मॉइस्चराइज़ करना न भूले। 
  • अनदेखा न करें : अक्सर स्किन केयर की बात करने पर हम केवल अपने चेहरे तक ही सीमित रह जाते है। मगर इस साल यह गलती न करें। इस साल यह प्रण ले कि आप अपने चेहरे के साथ अपनी गर्दन, हाथ, पैर और अपनी पीठ को भी उतना ही महत्त्व देंगे जितना अपने चेहरे को।  
  • सनस्क्रीन अपनाएं : सनस्क्रीन हर मौसम में जरुरी है फिर चाहे मौसम गर्मी का हो या फिर सर्दी या बारिश का। अपनी स्किन के को ध्यान में रख सनस्क्रीन को अपनाएं और अपनी स्किन को सूरज की तेज़  किरणों से होने वाले नुकसान से बचाएं। 
  • सोते समय मेकअप नहीं : यह एक ऐसा नियम है जिसका पालन करना बेहद जरुरी है। आप शायद नहीं जानते है की रात के समय मेकअप कर सोने से आपकी स्किन को बहुत नुकसान पहुँच सकता है इसलिए सोने से पहले मेकअप को बाय बाय कहना न भूलें। 
  • मेकअप चेक : हर दो से छह महीने में एक बार यह जरूर चेक करें कि आप जिस क्रीम या मेकअप का प्रयोग अपनी स्किन पर कर रहे है वह ठीक हो। अगर आपके प्रोडक्ट्स एक्सपायर होने वाले है या हो गए है तोह उनका प्रयोग अपनी स्किन पर न करें।  
उम्मींद है की आप इस साल आपकी स्किन को स्वस्थ रखने में कामयाब होंगे।  

मंगलवार, 1 दिसंबर 2015

दें मजबूती नाखूनों को

नाखून हमारें हाथ पैरों की खूबसूरती को बढ़ाने में मदद करते है। मगर अक्सर  हाथों के नाखूनों का प्रयोग टूल की तरह करते है। और इसी प्रयोग में नाखूनों की मजबूती ख़त्म हो जाती है।  यदि आप चाहते है की आपके नाखूनों की मजबूती बनी रहें तो आप इन क़दमों को उठाएं। 
  • पानी में नाखूनों को भीगने से बचाएं। ज्यादा देर पानी में रहने के कारण नाखून आसानी से टूट जाते है इसलिए भीगने से नाखूनों को बचाएं। अगर संभव हो तो हाथों में ग्लव्स को पहने।  
  • पानी पियें। ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करने से स्किन, बाल और नाखून मजबूत बनते है। 
  • नाखूनों को हमेशा शेप में रखें ताकि वे टूटने से बचें। साथ ही नाखूनों की लम्बाई का ध्यान रखें। ज्यादा लम्बे नाखून करने से नाखूनों की मजबूती कम हो जाती है। 
  • समय समय पर मैनीक्योर करते रहे। 
  • आप चाहे तो आप बाजार में मिलने वाले उन मल्टीविटामिन का सेवन कर सकते है जो बालो, नाखूनों और स्किन के लिए फायदेमंद होते है। 
  • नेल पोलिश लगाने से भी नाखूनों  को मजबूती मिलती है। 

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2015

माइंड गेम्स : दिमागी कसरत

हमारे दिमाग की मशीनरी ऐसी है जिसका हम जितना प्रयोग करते है यह उल्टी ही तेज़ होती चली जाती है।  आज हम बात करेंगे कुछ ऐसे माइंड गेम्स के बारें में जिनसे दिमाग तेज़ होने के साथ- साथ दिमाग की कसरत भी होती है।  

माइंड गेम्स :

यह वो गेम्स है जिन्हे खेलते समय आपको लगेगा की आप अपने बचपन में लौट गए है। किसी भी उम्र का व्यक्ति इन गेम्स को खेल कर अपने दिमाग को तेज़ कर सकता है। 
  • उलटी गिनती - याद है कैसे आप बचपन में 100 से उलटी गिनती करते थे। बस आपको इसी गेम को थोड़ा सा मुश्किल करते हुए 200 से उलटी गिनती करें।  इससे आपके दिमाग को ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। 
  • रुबिक क्यूब - यह गेम थोड़ा मुश्किल है मगर यदि आप सही तकनीक का प्रयोग करें तो आप आसानी से इसे हल कर सकते है।  
  • पिक्चर पजल - इसमें आपको किसी एक चित्र को ध्यान से देखना है और 20 से 30 मिनट बाद आप चित्र में दिखने वाली चीजो के बारें में जितनी बातें आप लिख सकते है उसे एक कागज़ पर लिखें। 
  • सुडोकु - इस नंबर पजल से आप लॉजिक के साथ-साथ दिमाग को भी शार्प कर सकते है।  
  • विडिओ गेम्स - विडिओ गेम्स भी काफी हद तक आपके दिमाग की कसरत करने में आपकी मदद करते है। मगर ज्यादा विडिओ गेम्स आपकी आँखों को नुकसान पहुंचा सकता है।  

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2015

20-20-20 रूल और स्वस्थ आँखे

आपने 20-20 के क्रिकेट मैच के बारें में तो सुना होगा, ठीक उसी तरह से 20-20-20 का एक रूल ऑय केयर के लिए भी है।  यह एक ऐसा रूल है जिससे आप डिजिटल गैजेट्स से आँखों पर पड़ने वाले दबाव से बच सकते है। आइये इस रूल को विस्तार से जानते है :

रूल 20 -20 -20 :

इस रूल में तीन बार 20 का प्रयोग किया गया है।  पहले 20 का प्रयोग 20 मिनट के लिए किया गया है। दूसरे 20 का प्रयोग 20 फ़ीट के लिए किया गया है और अंतिम 20 का प्रयोग 20 सेकंड के लिए किया गया है। सरल शब्दों में हर 20 मिनट में 20 फ़ीट दूर रखी किसी भी वस्तु को 20 सेकंड तक देखना है।  

अगर आप हर 20 मिनट में अपने कंप्यूटर या लैपटॉप से नज़र हटाये। और अपने से बीस फ़ीट दूर रखी किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखे। इससे आँखों पर अड़ने वाले अतिरिक्त दबाव से बचा जा सकता है। यदि आप इस रूल को अपनाते है तो आप आँखों पर पड़ने वाले दबाव से बच सकते है।  

अन्य बातें :
  • बार-बार आँखों को झपकाते रहें।  अक्सर आँखों में दबाव पड़ने का कारण आँखों में नमी की कमी होता है। यदि आप बार-बार आँखे झपकायेंगे तो आँखों की ऊपरी सतह पर नमी की परत बनती रहेगी और आँखों की खुश्की भी दूर होगी। 
  • संभव हो तो हर 1 घंटे में अपनी सीट से खड़े होकर थोड़ा घूमे। 
  • हर 30 मिनट या 1 घंटे में कंप्यूटर या लैपटॉप से आँखों को ब्रेक दे।