गुरुवार, 1 अक्टूबर 2015

20-20-20 रूल और स्वस्थ आँखे

आपने 20-20 के क्रिकेट मैच के बारें में तो सुना होगा, ठीक उसी तरह से 20-20-20 का एक रूल ऑय केयर के लिए भी है।  यह एक ऐसा रूल है जिससे आप डिजिटल गैजेट्स से आँखों पर पड़ने वाले दबाव से बच सकते है। आइये इस रूल को विस्तार से जानते है :

रूल 20 -20 -20 :

इस रूल में तीन बार 20 का प्रयोग किया गया है।  पहले 20 का प्रयोग 20 मिनट के लिए किया गया है। दूसरे 20 का प्रयोग 20 फ़ीट के लिए किया गया है और अंतिम 20 का प्रयोग 20 सेकंड के लिए किया गया है। सरल शब्दों में हर 20 मिनट में 20 फ़ीट दूर रखी किसी भी वस्तु को 20 सेकंड तक देखना है।  

अगर आप हर 20 मिनट में अपने कंप्यूटर या लैपटॉप से नज़र हटाये। और अपने से बीस फ़ीट दूर रखी किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखे। इससे आँखों पर अड़ने वाले अतिरिक्त दबाव से बचा जा सकता है। यदि आप इस रूल को अपनाते है तो आप आँखों पर पड़ने वाले दबाव से बच सकते है।  

अन्य बातें :
  • बार-बार आँखों को झपकाते रहें।  अक्सर आँखों में दबाव पड़ने का कारण आँखों में नमी की कमी होता है। यदि आप बार-बार आँखे झपकायेंगे तो आँखों की ऊपरी सतह पर नमी की परत बनती रहेगी और आँखों की खुश्की भी दूर होगी। 
  • संभव हो तो हर 1 घंटे में अपनी सीट से खड़े होकर थोड़ा घूमे। 
  • हर 30 मिनट या 1 घंटे में कंप्यूटर या लैपटॉप से आँखों को ब्रेक दे।  

मंगलवार, 22 सितंबर 2015

हार्ट हेल्थी फूड्स

हमारे द्वारा खाएं गए भोजन का सीधा प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है।  यही नियम हमारे शरीर के पावर बैंक यानि हार्ट के लिए भी है।  ऐसे बहुत से खाद्य पदार्थ है जिनका सेवन करने से हम अपने दिल को स्वस्थ बना सकते है।  आइयें इन पर एक नज़र डालते है।  

सेब - एक प्रसिद्ध कहावत है कि " एन एप्पल ए डे, कीप्स डॉक्टर अवे ". यानि यदि आप हर रोज एक सेब कहते है तो आप डॉक्टर के पास जाने से बच सकते है।  सेब हमारे हृदय  के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। 

दही - दही या फिर उससे बने उत्पाद हार्ट हेल्थी होते है।  इनका सेवन करने से शरीर की इम्युनिटी मजबूत  बनती है। साथ ही यह एंटी ऑक्सीडेंट से भी लड़ने में  मदद करते है।  

अनाज - भारतीय होने के नाते हमें अपने भोजन में अनाज को शामिल करने की कोई आवश्यकता नही है।  क्यूंकि हम रोज इसका सेवन करते है।  पर क्या आप जानते है की अनाज हमारे दिल के लिए कितना फायदेमंद साबित हो सकता है।  अनाज में हाई फाइबर होता है जोकि शरीर में एल डी एल यानि बुरे कोलेस्ट्रॉल को काम करता है और हार्ट को हेल्थी बनता है।  

मछली - मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जोकि हार्ट फ्रेंडली होता है।  यह हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है और साथ ही यह इर्रेगुलर हार्ट रिदम जैसी समस्याओं को भी ठीक करता है।  

मेवे - मेवों से आपको विटामिन्स, मिनिरल्स मिलते है जोकि स्वस्थ शरीर के लिए जरुरी होते है।  इसके अलावा इमने मोनोअनसेचुरेटेड फैट्स होता है जो दिल के लिए लाभकारी होता है। जो शाकाहारी है उन्हें अपने भोजन में मेवों को विशेषतौर पर अखरोट और बादाम को जरूर शामिल करना चाहिए। 

केला - केले में पोटैशियम की मात्रा बहुत अधिक होती है। पोटैशियम शरीर में पानी और सोडियम की मात्रा का बैलेंस बना कर रखती है।  हाई ब्लड प्रेशर के रोगी के लिए केला बहुत ही लाभकारी होता है।  

ग्रीन टी - सबसे पहले ग्रीन टी शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करती है।  साथ ही इसमें मिलने वाले तत्व इससे और स्पेशल बना देते है।  इसका सेवन करने से गम/मसूड़ा सम्बन्धी समस्या होने की आशंका को काम करता है।  अध्ययन इस  प्रमाण देते है की जिन्हे गम/ मसूड़े संबधी समस्या होती है उन्हें हृदय सम्बन्धी समस्या होने की आशंका सामान्य से अधिक रहती है।  

एलकोहल - सीमित या सही मात्रा में अलकोहल का सेवन करने से भी दिल स्वस्थ रहता है। अलकोहल से शरीर में एच दी एल यानि अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है। साथ ही यह शरीर में खून को पतला करने का भी काम करता है जिस कारण ब्लड क्लॉटिंग से होने वाले हार्ट अटैक  या स्ट्रोक की समस्या से भी बचा जा सकता है।  मगर ध्यान रहे अलकोहल की मात्रा सही होनी चाहिए।  

चॉकलेट - डार्क चॉकलेट हार्ट हेल्थी होते है।  इसलिए आप इनका सेवन कर सकते है।  मगर इनका सेवन भी सीमित मात्रा में ही करें।  

स्वस्थ भोजन खाएं और अपने दिल को स्वस्थ बनायें। 

सोमवार, 6 जुलाई 2015

नारियल तेल और ब्यूटी

क्या आप अब तक यहीं सोचते है कि नारियल तेल से केवल बालों को पोषण मिलता है। यदि हाँ तो आइयें आज हम नारियल तेल के कुछ ऐसे प्रयोगों के बारें में बात करते है, जिससे आपकी स्किन खूबसूरत हो जाएगी।  

नमी दूर करने के लिए - नारियल तेल से आप शरीर और ख़ास तौर पर हाथों की खुश्की से बच सकते है। बस इससे लगाये और हलके हाथो से इसकी मालिश करें।  

ऑय मेकअप रिमूवल - अगर आप इस असमंजस में पड़े है की कैसे आप अपने आँखों के मेकअप को हटायें और अपने आँखों के पास की स्किन की नमी को बनायें रखे तो आपके लिए नारियल तेल बहुत लाभकारी साबित होगा। 

हेयर रिमूवल क्रीम - आप हेयर रिमूवल क्रीम की तरह भी इसका प्रयोग कर सकते है। इसे स्किन पर अच्छे से मले और फिर रेजर से बालो को हटा ले। इससे बाल हट जायेंगे और स्किन की नमी भी बानी रहेगी।
स्क्रब बनाये - थोड़े से नारियल तेल में थोड़ी चीनी और वैनिला एसेंस डाले और इसे मिलाएं। अब इस मिश्रण से स्किन को हलके हाथो से मले और पाएं दमकती कोमल स्किन।  

उम्मीद करते है कि आप भी नारियल तेल का प्रयोग सिर्फ बालों के लिए न कर इन नए तरीकों से भी करेंगे।  

नोट - सामान्यतौर पर नारियल तेल से किसी प्रकार की एलर्जी नही  होती है। मगर इसके बावजूद भी अपने चेहरे पर इसका प्रयोग करने  एक बार स्किन टेस्ट अवश्य कर ले।  

बुधवार, 29 अप्रैल 2015

अस्थमा और कारगर घरेलू नुस्खे

अस्थमा एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिसके लिए पहले से तैयारी करके चलना बेहद जरुरी है।  आइयें आज हम कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारें में जानकारी पाते है जिससे इस समस्या को गंभीर स्थिति में पहुँचने से रोकने में मदद मिल सकें।  
  • अदरक : एक ऐसा हर्ब जिसके महत्त्व को हम सभी जानते है।  अस्थमा रोगी के लिए यह बहुत लाभकारी साबित हो सकता है।  सबसे पहले अदरक, अनार का रस और शहद बराबर मात्रा में ले ले और इसे मिला ले।  इस मिश्रण का एक एक चम्मच  सेवन दिन में दो से तीन बार करें। आप चाहे तो आप अदरक को पानी में उबाल कर उस पानी का भी सेवन कर सकते है।  
  • सरसों का तेल : सरसों के तेल में थोड़ा सा लहसुन काट कर उसे पकाएं।  तब तक पकाएं जब तक लसुन सुनहरे रंग के न हो जाएँ। इस तेल को थोड़ा ठंडा होने दे और गुनगुने तेल को छाती, नाक व गले पर मले और फिर अच्छे से शरीर को धक कर सो जाएँ।  
  • लहसुन : एक कप दूध में दो तीन लहसुन की फांक डेल और इसे तब तक पकाएं जब तक इसकी मात्रा आधी न हो जाएँ। अब इसे गर्म गर्म पियें।  इस मिश्रण को रात में पिने से अधिक लाभ मिलता है। 
  • प्याज : अगर आपको अस्थमा की शिकायत है तो ज्यादा से ज्यादा मात्रा में प्याज का सेवन करें।  
  • कॉफी : ऐसा मन जाता है की कॉफी स्वास के पैसेज को साफ़ रखने में मदद करता है। इसलिए आप इसका सेवन कर सकते है।  अगर आप कॉफी नही पीते है तो आप ब्लैक टी कर सकते  है। 
एक टिप :

बदलते इस मौसम में आप अगर संभव हो तो फैन और कूलर की जगह एसी का प्रयोग करें। यह आपको हवा में बह रहे डस्ट से बचाएंगा। 

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2015

बच्चे और प्रभावी मॉस्किटो रिपेलेंट

बच्चों को यदि मच्छरों के प्रकोप से बचाना है तो मॉस्किटो रिपेलेंट एक अच्छा विकल्प है। मॉस्किटो रिपेलेंट मच्छरों को मारता नहीं है बल्कि यह बच्चों को उनके काटने से बचाता है। मगर यह कुछ समय तक के लिए ही प्रभावी होते है, उसके बाद इनका प्रभाव धीरे धीरे कम होने लगता है।  आइयें इन पर एक नज़र डालते है।  
  • क्रीम या लोशन के रूप में मिलने वाले मॉस्किटो रिपेलेंट प्रभावी तो होते है मगर यदि मौसम बहुत नमी है तो यह उतने प्रभावी नहीं होते है।  पसीने के साथ बह जाने के कारण इनका प्रभाव कम हो जाता है। इसके अलावा यह वाटर प्रूफ भी नही होते है। 
  • बाजार में मिलने वाले मॉस्किटो पैच या बैंड्स भी काफी असरदार होते है। यदि आपके बच्चे को मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम या लोशन से स्किन एलर्जी होती है तो मॉस्किटो पैच या बैंड्स एक बहुत ही अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इन्हे बच्चे के कपड़ो पर चिपका दे और बैंड्स को आप बच्चे के हाथ पर पहना सकते है। सेंसटिव स्किन वाले बच्चों के लिए प्रभावी होते है। 
  • बाजार में बहुत से स्प्रे आ गए है जिनके प्रयोग से बच्चों को मच्छरों के प्रकोप से बचाया जा सकता है।  अगर आपके बच्चे को किसी प्रकार की स्वास सम्बन्धी समस्या है तो इनका प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य ले ले। 
जैसा हमने आपको पहले भी बताया है की यह रिपेलेंट केवल मच्छरों के काटने से बचाता है उन्हें मरता नहीं है।