बुधवार, 29 अप्रैल 2015

अस्थमा और कारगर घरेलू नुस्खे

अस्थमा एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिसके लिए पहले से तैयारी करके चलना बेहद जरुरी है।  आइयें आज हम कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारें में जानकारी पाते है जिससे इस समस्या को गंभीर स्थिति में पहुँचने से रोकने में मदद मिल सकें।  
  • अदरक : एक ऐसा हर्ब जिसके महत्त्व को हम सभी जानते है।  अस्थमा रोगी के लिए यह बहुत लाभकारी साबित हो सकता है।  सबसे पहले अदरक, अनार का रस और शहद बराबर मात्रा में ले ले और इसे मिला ले।  इस मिश्रण का एक एक चम्मच  सेवन दिन में दो से तीन बार करें। आप चाहे तो आप अदरक को पानी में उबाल कर उस पानी का भी सेवन कर सकते है।  
  • सरसों का तेल : सरसों के तेल में थोड़ा सा लहसुन काट कर उसे पकाएं।  तब तक पकाएं जब तक लसुन सुनहरे रंग के न हो जाएँ। इस तेल को थोड़ा ठंडा होने दे और गुनगुने तेल को छाती, नाक व गले पर मले और फिर अच्छे से शरीर को धक कर सो जाएँ।  
  • लहसुन : एक कप दूध में दो तीन लहसुन की फांक डेल और इसे तब तक पकाएं जब तक इसकी मात्रा आधी न हो जाएँ। अब इसे गर्म गर्म पियें।  इस मिश्रण को रात में पिने से अधिक लाभ मिलता है। 
  • प्याज : अगर आपको अस्थमा की शिकायत है तो ज्यादा से ज्यादा मात्रा में प्याज का सेवन करें।  
  • कॉफी : ऐसा मन जाता है की कॉफी स्वास के पैसेज को साफ़ रखने में मदद करता है। इसलिए आप इसका सेवन कर सकते है।  अगर आप कॉफी नही पीते है तो आप ब्लैक टी कर सकते  है। 
एक टिप :

बदलते इस मौसम में आप अगर संभव हो तो फैन और कूलर की जगह एसी का प्रयोग करें। यह आपको हवा में बह रहे डस्ट से बचाएंगा। 

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2015

बच्चे और प्रभावी मॉस्किटो रिपेलेंट

बच्चों को यदि मच्छरों के प्रकोप से बचाना है तो मॉस्किटो रिपेलेंट एक अच्छा विकल्प है। मॉस्किटो रिपेलेंट मच्छरों को मारता नहीं है बल्कि यह बच्चों को उनके काटने से बचाता है। मगर यह कुछ समय तक के लिए ही प्रभावी होते है, उसके बाद इनका प्रभाव धीरे धीरे कम होने लगता है।  आइयें इन पर एक नज़र डालते है।  
  • क्रीम या लोशन के रूप में मिलने वाले मॉस्किटो रिपेलेंट प्रभावी तो होते है मगर यदि मौसम बहुत नमी है तो यह उतने प्रभावी नहीं होते है।  पसीने के साथ बह जाने के कारण इनका प्रभाव कम हो जाता है। इसके अलावा यह वाटर प्रूफ भी नही होते है। 
  • बाजार में मिलने वाले मॉस्किटो पैच या बैंड्स भी काफी असरदार होते है। यदि आपके बच्चे को मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम या लोशन से स्किन एलर्जी होती है तो मॉस्किटो पैच या बैंड्स एक बहुत ही अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इन्हे बच्चे के कपड़ो पर चिपका दे और बैंड्स को आप बच्चे के हाथ पर पहना सकते है। सेंसटिव स्किन वाले बच्चों के लिए प्रभावी होते है। 
  • बाजार में बहुत से स्प्रे आ गए है जिनके प्रयोग से बच्चों को मच्छरों के प्रकोप से बचाया जा सकता है।  अगर आपके बच्चे को किसी प्रकार की स्वास सम्बन्धी समस्या है तो इनका प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य ले ले। 
जैसा हमने आपको पहले भी बताया है की यह रिपेलेंट केवल मच्छरों के काटने से बचाता है उन्हें मरता नहीं है।  

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2015

बॉडी स्क्रब से पाएं दमकती स्किन

क्या आप अपने चेहरे की स्किन पर तो ध्यान देती है मगर बॉडी पर नहीं। अगर हाँ, तो ये याद रखे की खूबसूरती तब तक पूरी नहीं होती है जब तक आपकी पूरी स्किन में निखार न हो। तो आइयें आज हम कुछ ऐसे बॉडी स्क्रब के बारें में चर्चा कर लेते है जिससे आपकी स्किन दमक जाएगी। 

आयल और शुगर :

आप ओलिव या फिर नारियल का तेल ले सकते है। यदि आप एक चम्मच ओलिव आयल लेते है तो उसमे दो चम्मच चीनी मिलाएं। इस मिश्रण को अपनी स्किन पर हलके हाथों से मले और पाएं दमकती स्किन। इससे हाथों के रूखेपन से भी निजात मिलेगी। 

हनी :

हनी यानि शहद स्किन के लिए बहुत लाभकारी है। शहद को स्किन पर लगाये और हलके हाथों से मले ताकि स्किन साफ़ और सॉफ्ट हो जाएँ। 

खीरे : 

ओलिव आयल और चीनी में थोड़ा सा खीरा कद्दूकस करके खीरा मिलाएं। बने मिश्रण से स्किन पर स्क्रब करें और सॉफ्ट स्किन पाएं। 

ग्रीन टी :

ग्रीन टी में थोड़ा सा शुगर या हनी मिलाएं पर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं ताकि स्किन में दमकता निखार आएं। 


बाजार में रेडी टू यूज़ बॉडी स्क्रब भी मिलते है जिनका प्रयोग आप बिना मेहनत लगाएं कर सकते है। 10-15 दिन में बॉडी स्क्रब का प्रयोग अवश्य करें।  इससे स्किन पर जमी गंदगी भी दूर होती है और स्किन में भी निखार आता है। 




जीवन में ताज़गी भरती ग्रीन टी

ग्रीन टी सेहतमंद हैं , ऐसा हम सभी से सुनते आ रहे है। आइयें आज हम जानते है कि ग्रीन टी के क्या लाभ हो सकते है।  

एंटीऑक्सीडेंट्स से लबालब ग्रीन टी पीने से बहुत से लाभ मिल सकते है।  
  • वजन कम : ग्रीन टी पीने से शरीर का मेटाबोलिज्म तेज हो जाता है, जिस कारण वजन कंट्रोल में रहता है। 
  • कोलेस्ट्रॉल : ग्रीन टी बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम  कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ता है।  
  • हाई ब्लड प्रेशर : यह हाई ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल में रखता है। 
  • डिप्रेशन : ग्रीन टी में एमिनो एसिड होता है जोकि स्ट्रेस को कम करने में सहायक होता है। 
  • डायबिटीज : डायबिटीज के रोगी के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है।  इसका सेवन नियमित करने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।  
  • कैंसर : कई रिसर्च भी इस बात की जानकारी देते है कि ग्रीन टी शरीर से कैंसर के सेल्स को ख़त्म कर देता है। जिस कारण कैंसर की समस्या का शिकार होने से बच सकते है।  
  • स्किन केयर : स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से बचाव करने के साथ साथ यह स्किन को भी लाभ पहुंचाता है। यह बढ़ती उम्र के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है। 

बुधवार, 18 मार्च 2015

अंडे खाओ, स्वस्थ बन जाओ

ज़रा सोचिये, एक अंडा के भीतर वह सब कुछ होता है जो की एक चूज़े के शरीर के निर्माण के लिए जरुरी है। इस बात से ही यह साबित हो जाता है कि अंडे कितने हेल्दी हो सकते है।  मगर कुछ लोग अण्डों को गर्म मानते है और उनका सेवन गर्मी के मौसम में नही है। मगर सच तो यह है कि अंडे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है और आप इनका हर मौसम में सेवन कर सकते है।  

अंडे में विटामिन, मिनरल , प्रोटीन और अच्छा फैट होता है। जोकि स्वस्थ रहने में सहायक होता है।  
  • अण्डों में कोलेस्ट्रॉल को दुरुस्त कर सकता है।  
  • इसमें कोलिने होता है जोकि दिमाग को तेज़ करता है।  
  • अण्डों में उच्च मात्र का प्रोटीन होता है। 
  • अंडे एक अच्छा ब्रेकफास्ट हो सकता है जोकि किसी के लिए भी परफेक्ट होता है।  
अण्डों को रोज़ खाने में कोई बुराई नहीं है।  इसलिए आप चाहे तो आप इसे रोज़ खा सकते है।  और जहा तक कोलेस्ट्रॉल की बात है तो घबराएं नही.