मंगलवार, 12 अक्टूबर 2010

माइग्रेन : महत्वपूर्ण बातें

माइग्रेन की समस्या धीरे धीरे आम बनती जा रही है। आईये जानने का प्रयास करते है कि माइग्रेन रोगी को किन बातों का ध्यान रखना है।
  1. माइग्रेन रोगी नियमित रूप से डॉक्टर द्वारा दी गयी दवाइयों का सेवन करें।
  2. अचानक से तापमान बदलाव के संपर्क में न आयें।
  3. वैकल्पिक चिकित्सा की मदद लेना बंद करें।
  4. समय समय पर डॉक्टर की सलाह लेते रहें।
  5. हर रोज करीब छ: से आठ घंटे की नींद ले।
  6. योग, ध्यान और मार्निग वॉक ऐसे कुछ तरीके है जो आपको स्वस्थ रखने में मदद करते है।
  7. खराब जीवनशैली भी आपको माइग्रेन का शिकार बना सकती है (विशेष रूप से खाना न खाने या समय पर न खाना न खाना)। माइग्रेन रोगी को व्रत करने और फैट्स युक्त भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए।
  8. तेज गंध वाले परफ्यूम आदि का प्रयोग न करें।
  9. स्ट्रेस माइग्रेन को बढ़ता है इसलिए खुश रहने का प्रयास करें और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं।
  10. तेज धूप के संपर्क में आने से बचें। जब भी बहार जाएँ सनग्लासिस और छतरी का प्रयोग करें।
  11. पैन किलर दवाइयों का लम्बे समय तक प्रयोग करने से बचें।
  12. जैसे ही दर्द के लक्षण दिखे पैरासिटामोल या एस्प्रिन का सेवन कर सकते है। यह दोनों ही दवाइयां बहुत प्रभावी है। ध्यान दे कि सोलह साल से कम उम्र में एस्प्रिन का सेवन न करें।

माइग्रेन केवल वंशानुगत कारणों से नही होता है इसलिए जीवनशैली को दुरुस्त रखने का प्रयास करें।

(डॉ प्रवीण गुप्ता, कंसल्टेंट न्यूरोलोजी, आर्टिमिस हेल्थ इंस्टिट्यूट, गुडगाँव)

बुधवार, 25 अगस्त 2010

नैबुलाइज़र

नैबुलाइज़र, एक ऐसा डिवाइस है जिसमें रोगी के फेफड़ों तक साँस के माध्यम से दवाई पहुँचाने के लिए इन्हेलर के तौर पर प्रयोग में लाया जाता है। इसका प्रयोग सामान्य तौर पर अस्थमा और अन्य श्वास सम्बन्धी समस्याओं के रोगियों द्वारा किया जाता है।

कितना है उपयोगी :
डॉ सुशीला कटारिया, इंटरनल कंसलटेंट, पारस अस्पताल, गुडगाँव ने इस गैजेट के बारें में जानकारी देते हुए बताया कि, "नैबुलाइज़र अस्थमा में होने वाली खांसी की समस्या में आराम देता है। यह दवाई का असर सीधे प्रभावित हिस्से पर करता है मगर इसका प्रयोग करने की तकनीक पहले अपने डॉक्टर से अवश्य पूछ ले।"

नैबुलाइज़र का प्रयोग करने के बाद उसे तुरंत साफ करना जरुरी है। अगर आप ऐसा नही करते है तो उसमें बैक्टीरिया का जन्म हो सकता है।

मार्केट में कीमत :
नैबुलाइज़र की कीमत मार्केट में 2000से 3000 के बीच में है।

सोमवार, 23 अगस्त 2010

हीटिंग पैड्स

आज भी हम सभी के घर में सिकाई के लिए वाटर बैग का ही प्रयोग किया जाता है। मगर समय के साथ बहुत सी चीजे बदलती है। अब धीरे धीरे लोग हीटिंग पैड्स का प्रयोग हॉट वाटर बैग की जगह करने लगे है। अब सिकाई करना एकदम आसन हो गया है। बस आपको इसकी वायर को पॉवर प्लग में लगाकर स्विच ऑन करना है और सिकाई का आनंद उठाना है। आपको सिकाई के लिए गर्म पानी की थैलियों को तैयार करने में जितनी मेहनत करनी पड़ती थी अब आप उसे केवल एक स्विच भर ऑन करने से प्राप्त कर सकते है।

कितना है उपयोगी :
"वैसे तो यह हीटिंग पैड्स बहुत ही उपयोगी है मगर यदि आप गर्भवती है तो पेट के निचले हिस्से में इसका प्रयोग करने से बचें। गर्भावस्था के शुरुआती 12 सप्ताह से पहले गर्भवती महिला के शारीर का तापमान 39 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा नहीं होना चाहिए इसलिए इनका प्रयोग उनके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। मगर आप गर्भावस्था के दौरान होने वाले जांघों और पीठ दर्द में इसकी मदद ले सकते है।" ऐसा कहना है डॉ कौशिकी द्विवेदी, कंसल्टेंट गायनोकॉलोजिस्ट, मैक्स अस्पताल का।

क्या कहता का मार्केट :
हीटिंग पैड्स के लिए आपको अपनी जेब से ज्यादा पैसे खर्च करने की जरुरत नहीं है। आप केवल 350 से 700 रूपये में इसे खरीद सकते है।

बुधवार, 18 अगस्त 2010

ग्लूकोमीटर

ख़राब जीवन शैली से बहुत सी स्वास्थ्य समस्याओं का जन्म हो रहा है। इन्हीं समस्याओं में से एक समस्या डायब्टिज है। इसी को देखते हुए बाज़ार में एडवांस बायोसेंसर टैक्नोलोजी युक्त ग्लूकोमीटर आ गए है जोकि बस चंद सैकंड में ही आपको आपके शुगर का लेवल बता देते है। हालांकि डायब्टिज का पता पहले नही लग पता है मगर यदि आप नियमित रूप से अपने शुगर को चैक करते रहे तो आप इस समानस्य के बढ़ने से पहले इस पर नियंत्रण स्थापित कर सकते है।

ग्लूकोमीटर :
मैक्स हैल्थकेयर के कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलोजिस्ट डॉ सुजीत झा ने बताया है कि "कोई भी व्यक्ति इस गैजेट का प्रयोग की मदद से घर बैठे बैठे हे अपने ब्लड ग्लूकोज के बारें में पता लगा सकता है। साथ ही यह एक अच्छा गाइड बनकर आपको इस बात की भी जानकारी देता है कि आप अपने डायब्टिज को कंट्रोल करने में कितने सफल रहे है।"


कितना है उपयोगी :

ग्लूकोमीटर पर निकले नतीजो पर आप यकीन कर सकते है। हाँ, यह सत्य है कि यह नतीजे लैब में कराये जाने वाले ब्लड शुगर टेस्ट की रिपोर्ट की तरह एकदम सटीक नही होते है फिर भी इनके द्वारा निकला गया परिणाम सही ही मन जा सकता है। सामान्यतौर पर लैब और ग्लूकोमीटर के परिणामों में कुछ ज्यादा अंतर नही होता है।

सीनियर कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलोजिस्ट डॉ अम्बरीश मित्थल के अनुसार, "बाज़ार में आ रहें नए ग्लूकोमीटर में आपको कोडिंग करने की भी कोई जरुरी नहीं होती है और उससे मिलने वाले परिणाम को समझना भी आसान होता है।"

मार्केट में कीमत :

बाज़ार में ग्लूकोमीटर के बहुत के बहुत से ब्रांड मौजूद है। आप अपने डॉक्टर से परामर्श लेकर सही ब्रांड का चुनाव कर सकते है। इस ग्लूकोमीटर को खरीदने में आपको 1000 से 3000 रूपये खर्च करने होंगे।

सोमवार, 16 अगस्त 2010

डिजिटल बीपी मशीन

वे दिन अब लद गए जब हमारे घरों में हेल्थ उपकरण यदि हेल्थ गैजेट के नए पर केवल थर्मामीटर और वजन मापने की मशीन हुआ करती थी। जैसे जैसे तकनीकी विकास बढ़ता जा रहा है, वैसे वैसे बाजार में उपयोगी हेल्थ गैजेट भी उतारते जा रहे है। आईये एक ऐसे ही हेल्थ गैजेट डिजिटल बीपी मशीन की बात करते है।

डिजिटल बीपी मशीन :


आपने डॉक्टर साहब के यहा बीपी मोनिटर करने वाली मशीन तो देखी ही होगी, जिसमे पारे के माध्यम से बीपी मापा जाता है। मगर यह डिजिटल बीपी मशीन मैनुअल बीपी मशीन से अलग होती है। यह पूरी तरह से ऑटोमैटिक होते है और आप इन्हें बड़ी ही आसानी से घर में प्रयोग कर सकते है। आपको इसके अलग अलग प्रकार मिल जाएंगे (जैसे - बाजू में लगाकर चैक करने वाले या कलाई पर लगाने वाले)। इसके प्रयोग भी बहुत आसन है बस इसे कलाई पर बंधे और बटन दबाकर आप निश्चिन्त होकर बैठ जाये। आपका बीपी मशीन एक बीप की आवाज के साथ ही आपको मोनिटर किये गए ब्लड प्रेशर का पूरा परिणाम सरल भाषा में स्क्रीन पर दे देता है।


कितना है उपयोगी :


डॉ हंसा गुप्ता, कंसल्टेंट कार्डियोलोजिस्ट के अनुसार, " यह गैजेट आपको बाजार में सही कीमत पर मिल जाते है और यह बहुत ही प्रभावी ढंग से बीपी के उतार-चढाव को चैक करने में मदद कर सकते है। इलैक्ट्रोनिक बीपी मशीन का प्रयोग करना भी आसन है और इसमें बीपी के साथ-साथ आपके पल्स रेट का भी रिकार्ड आ जाता है।"


इस गैजेट के बारें में और जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि " यदि आपके पास ऑटोमैटिक बीपी मशीन है, तब भी पारे वाली बीपी मशीन पर अपनी रीडिंग को चैक करते रहे। अगर विश्वसनीयता की बात करें तो पारे वाली मशीन ज्यादा विश्वसनीय होती है। मगर इसमें सिस्टोलिक और डायस्टोलिक बीपी को कैसे रिकॉर्ड किया जाता है यह आपको अच्छे से आना बहुत जरुरी है।"


मार्केट में कीमत :


आपको यह ऑटोमैटिक बीपी मशीन बाजार में आसानी से मिल जाएंगी। इस मशीन को खरीदने के लिए आपको 2500 से 4500 तक रूपये खर्च करने पड़ सकते है।