गुरुवार, 13 फ़रवरी 2014

वैलेंटाइन्स पर दें खूबसूरती का उपहार

 वैलेंटाइन्स डे पर आप अपने प्रिय को तोहफे में क्या देंगें, इसकी प्लानिंग आप कई दिनों पहले से करना शुरू कर देते है। मगर यदि आप अब तक इस दुविधा में है कि आप क्या तोहफा दे, तो फिर आपकी यह परेशानी हम दूर कर देते है। इस वैलेंटाइन पर आप अपनी प्रियतमा के लिए चॉकलेट या कोई स्टफ टॉय गिफ्ट में न देकर उन्हें खूबसूरती का गिफ्ट दे। आइये विस्तार से जानते है :
 
चॉकलेट्स, स्टफ टॉयज, कार्ड्स ये सब गिफ्ट पुराने हो चुके है। यदि आप कुछ अलग करना चाहते है तो इस बार कुछ अनोखा उपहार दे। एक ऐसा उपहार जोकि उनकी खूबसूरती में चार चाँद लगाएगा। 
 
ब्यूटी कुपोन्स :
 
वैलेंटाइन्स डे पर बहुत से अच्छे ब्यूटी सैलून्स और पार्लर खूबसूरती को बढ़ाने के ऑफर निकालते है। उनके इन् ऑफर्स की जानकारी प्राप्त करें और कोई एक अच्छा सा ऑफर या कूपन अपने प्रिय के लिए खरीद ले। यह सिर्फ आपके प्रिय के लिए बेहतर गिफ्ट ही नहीं होगा बल्कि यह उनकी खूबसूरती को निखारने में और भी मदद करेगा। 
 
ब्यूटी प्रोडक्ट्स :
 
आप चाहे तो आप अपने प्रिय के लिए ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीद कर एक अच्छा सा गिफ्ट हैम्पर तैयार कर सकते है। या फिर आप बाजार में मिलने वाले ब्यूटी किट्स को भी खरीद कर उपहार में दे सकते है। 
 
सेंट्स और  परफ्यूम :

महिलाओं को अक्सर यह गिफ्ट पसंद आता है। मगर इसका यह अर्थ यह नहीं कि ये पुरुषों को पसंद नहीं आएगा। यदि आपको अपने प्रिय की पसंद का अंदाजा हो तो वहीँ सेंट या परफ्यूम का चयन करें। यह आपके प्रिय की खूबसूरती को और भी निखरेगा।

स्पा का दे उपहार :

आप चाहे तो आप किसी ऐसे स्पा में अपना वैलेंटाइन डे एक साथ बिताएं जहाँ आप शांति के साथ साथ अपने आपको पैंपर भी कर सकें।

फिटनेस गिफ्ट :

इस वैलेंटाइन डे पर अपने प्रिय को किसी जिम या किसी  योग  क्लास का उपहार दे। यह न सिर्फ आपके प्रिय को फिट रखेगा बल्कि यह उन्हें भीतर से स्वस्थ बनाने में मदद करेगा। यह क्लासेज आपके प्रिय को केवल इसी वैलेंटाइन पर ही नही बल्कि आने वाले बहुत से वैलेंटाइन्स पर फिट और खूबसूरत बनायें रखेगा।

हम उम्मीद करते है की यह वैलेंटाइन आपकी जिंदगी को और भी खूबसूरत बनाएगा। 

गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

क्या करें ऐड ताकि दिमाग बनें तेज़

बच्चों का शारीरक विकास जितना तेजी से होता है उतना ही तेजी से बच्चे का मानसिक विकास भी होता है। पर अभिभाव होने के नाते आप चाहे तो आप कुछ एक्स्ट्रा प्रयास करके भी अपने बच्चे का दिमाग और भी बेहतर कर सकते है। आइये आज हम उन फलों और सब्जियों के बारें में चर्चा करते है जिनसे बच्चों का मानसिक विकास तेजी से होता है। 
 
अंडे :
 
अंडे, प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। अण्डों का सेवन करने से बच्चों का मानसिक विकास तेज़ी से होता है। छोटे बच्चों को अंडे की भुजी दे सकते है। इसके आलावा उबला अंडा भी उतना ही पौष्टिक होता है। 
 
ओटमील :
 
ओटमील में फाइबर और प्रोटीन की उचित मात्रा होती है। यह बच्चों में ध्यान केंद्रित करने में मदद करते है। ओटमील एक पौष्टिक आहार है जिसका सेवन करने से मानसिक लाभ मिलता है। 
 
हरी सब्जियां :
 
हरी सब्जियां भी दिमाग को दुरुस्त करने में मदद करती है। इनमे फोलेट और विटामिन्स होते है जोकि मानसिक विकास करता है। आप दाल में डाल कर या फिर पराठे के रूप में भी इसे बच्चों के भोजन में शामिल कर सकते है। 
 
दूध और दही :
 
दूध एक कम्पलीट आहार है जिसका सेवन करने से न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी होता है। अपने बच्चे एक आहार में इन्हे शामिल अवश्य करें। 

गुरुवार, 30 जनवरी 2014

कैंसर बन जाएं जब आपका साया

 
कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो न सिर्फ रोगी के शरीर को नुकसान पहुंचता है बल्कि यह उसके दिमाग, भावनाओं और सामाजिक जीवन को भी नुकसान पहुंचा सकता है। कैंसर का पूरा इलाज कराने के बाद जब रोगी ठीक हो जाता है तब भी उसे अपनी पूरी दिनचर्या और जीवनशैली दोनों में ही बदलाव लाने की जरुरत होती है। आइयें जानते है कि कैंसर रोगी को कैसे कैंसर के बाद अपने जीवन में बदलाव लाने चाहिए। 
 
खुश रहने का करें प्रयास :
 
अक्सर कैंसर रोगी इस बीमारी को हराने के बाद भी इस समस्या के दुबारा जन्म लेने के डर से दुखी या स्ट्रेस में रहने लगता है। कैंसर के रोगी को खुश रहने की जरुरत है। याद रखें कि कैंसर से होने वाली जंग केवल इलाज से नहीं जीती जा सकती है इसके लिए आपको आत्मशक्ति की जरुरत है। खुश रहें और कैंसर को अपने जीवन के एक बुरे पड़ाव के रूप में मान कर एक नए तरीके से जीवन की शुरुआत करें। 
 
अपने अनुभव को बनाये अपना बल :
 
कैंसर से निपटने के बाद आपसे आपके इस अनुभव के बारें में बहुत से लोग बात करेंगे। हर बार जब भी आप अपने अनुभव को किसी से शेयर करें तो उसे बताते समय फक्र महसूस करें। आपने कैंसर को हरा कर बहुत बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है जिसे किसी से शेयर करने में घबराएं नहीं। 
 
परिवार के साथ बिताएं समय :
 
अपने परिवार द्वारा दियें जाने वाले केयर का आदर करें। उनकी केयर को दया का न समझे बल्कि उसका आनंद उठायें। अपने परिवार के साथ समय बिताये और फिर से अपने रिश्तों को मधुर बनाने का प्रयास करें। 
 
 
शरीरिक बदलावों को अपनाएं :
 
हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उम्र के बढ़ने पर हमारे शरीर में बहुत से बदलाव आते है और हर बदलाव को हमने अपने जीवन में अपनाया है। जब हमने अपने पुरे जीवन में बदलावों को अपनाया है तो कैंसर के बाद भी होने वाले शारीरिक बदलावों का हमने आदर करना चाहिए। 
 
 
सुधारें अपनी जीवनशैली :
 
कैंसर के बाद स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना बेहद जरुरी है। धूम्रपान और एल्कोहल से दुरी रखें और पौष्टिक भोजन का सेवन करें।  ताकि आप स्वस्थ रेह सकें। दिनचर्या में सुधार लाएं और अपने जीवन में बदलाव को देखें। 
 
दवाइयों और टेस्ट को न भूले :
 
कैंसर को हारने का यह अर्थ नहीं है कि कैंसर आपको कभी भी तंग नहीं करेगा।  कैंसर के दुबारा आने कि आशंकाएं हमेशा बनी रहती है।  इसलिए अपने टेस्ट और दवाइयों का नियमित सेवन करते रहें। जागरूक रहें और अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। 
 
कैंसर जीवन का अंत नहीं है इसके साथ भी जिया जा सकता है बस रोगी को अपने जीने की को ख़त्म नहीं होने देना है। 

बुधवार, 22 जनवरी 2014

उबटन से पाएं दमकता निखार

प्रकृति के पास इतनी सारी नायाब चीज़ें हैं कि यदि हम उनका प्रयोग करें तो इससे हमें लाभ ही मिलेगा। आज हम बात करने जा रहे है उबटन की। उबटन के अनेक प्रकार है जोकि स्किन की रंगत निखारने और त्वचा को बेदाग़ बनाने में किया जाता है। हालाँकि बाजार में अब उबटन रेडीमेड भी मिलने लगे है मगर आप इन्हें खरीदने से बेहतर है कि आप इन्हे घर पर ही बनाये। जानते है कैसे :
 
उबटन आज के ज़माने के ब्यूटी प्रोडक्ट नहीं है। बल्कि यह बहुत पहले से ही स्किन केयर के लिए प्रयोग में आते रहें है। आपने अक्सर इनके बारें में घर की बुजुर्ग महिलाओं को बात करते सुना होगा। उबटन सामान्यतौर पर सभी प्रकार की स्किन टाइप पर प्रभावशाली होते हैं। साथ ही यह सेंसटिव स्किन पर भी काफी असरदार होते है मगर फिर भी यदि आप पहली बार इसका प्रयोग कर रहे है तो पहले स्किन टेस्ट अवश्य कर ले। 
 
उबटन के लाभ :
 
घर पर उबटन बनाने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आप बहुत से स्किन केमिकल का प्रयोग करने से बच जाते है। प्राकृतिक चीजों का प्रयोग होने के कारण यह स्किन के लिए लाभकारी और प्रभावशाली दोनों ही होते है। 
 
कैसे बनाएं उबटन :
 
चेहरे ले लिए -
 
दो चम्मच बेसन में एक चम्मच बादाम का पेस्ट, एक चम्मच काजू का पेस्ट, दूध (या फिर आप एक चम्मच मिल्क पाउडर भी ले सकते है), थोड़ी सी मलाई, निम्बू का रस, एक चुटकी हल्दी पाउडर, जरा सा गुलाब जल व आधा चम्मच ग्लिसरीन को ले एक साथ मिलाये और इसका गढ़ा पेस्ट बनाएं। यदि आपकी स्किन रूखी है या फिर सर्दी का मौसम है तो आप ग्लिसरीन की जगह ओलिव आयल मिला सकते है। इससे आपकी स्किन रूखी नहीं होगी। इस उबटन को चेहरे पर लगाये और सूखने पर हलके हाथों से रगड़ कर निकले। उसके बाद थोड़े से कुनकुने पानी से चेहरे को धो कर साफ़ कर ले। 
 
शरीर ले लिए -
 
शरीर के लिए उबटन बनाने ले लिए आपको चार बड़े चम्मच में एक बड़ा चम्मच आटा मिलाये और फिर इसमें थोड़ी सी हल्दी, चन्दन पाउडर, गुलाब जल, ओलिव आयल या फिर बादाम का तेल मिलाये। इसके गाढ़े पेस्ट को शरीर पर लगाएं और सूखने पर हलके हाथो से रगड़ कर निकले। थोड़े से गर्म पानी से स्किन को साफ़ करें और स्किन के सूखने पर मॉश्चराइजर को लगा ले। 
 
कैसे करें स्किन टेस्ट :
 
यदि आप उबटन का प्रयोग पहली बार कर रहे है तो स्किन टेस्ट कर ले। पेस्ट को अपने गर्दन पर कान के निचले हिस्से पर एक इंच जितना लगाये और फिर उबटन के सूखने पर इसे पानी से साफ़ कर ले। आधे घंटे बाद फिर से उसी जगह की स्किन को चेक करें। यदि आपकी स्किन में किसी प्रकार कि एलर्जी या फिर स्किन में किसी प्रकार के रशेज़ नहीं दिखायी दे तोह आप इस उबटन को अपने चेहरे पर लगा सकते है। 

गुरुवार, 16 जनवरी 2014

ब्रेक लीजिएं, खुश रहिए

क्या आप डेली रूटीन से थक गए है ? क्या आपको अपनी दिनचर्या भरी लगने लगी है? क्या आप चाहते है कि आप गायब हो जाये ताकि आप अपने डेली के बोरिंग और परेशान करने वाली दिनचर्या से बच जाएँ। अगर हाँ तो आप शायद ध्यान नही दे रहें है मगर आपका दिमाग और शरीर दोनों ही आपसे ब्रेक लेने की गुहार लगा रहें है। अपनी व्यस्त दिनचर्या से लिए गए ये ब्रेक आपको स्वस्थ और खुश दोनों ही रख सकते है। आइयें जानते है कैसे :
 
ब्रेक फिर चाहे वह लम्बा हो या फिर एक दिन का, आपको दिमागी रूप से डिस्ट्रेस करने में मदद करता है। ब्रेक आपकी लाइफ की रिटेक लेती लाइफ को एक ऐसा पॉज देता है जिसके बाद जिंदगी और भी तेजी और ख़ुशी के साथ भागती है।  इसलिए अपनी दिनचर्या से ब्रेक ले.
  • जब आप छुट्टी या ब्रेक लेते है तो आपका दिमाग उन् गतिविधियों को करने से मुक्त हो जाता है जिन्हें आप रोज रोज न जेन कितने दिनों से बिना रुके करें ही जा रहे है। इससे अपने बोरिंग रुटीन से भी आपको मुक्ति मिलती है और यह आपके भीतर एक नयी स्फूर्ति भर देती है। 
  • रिसर्च भी इस बात का प्रमाण देते है कि काम से लिए गए ये ब्रेक आपके भीतर एक नयी स्फूर्ति का संचार करते है। 
  • ब्रेक आपको एक ख़ुशी देता है जिस कारण आप अपने जीवन में बहुत सी पॉजिटिव सोच और महसूस कर पाते है। 
  • जीवन की व्यस्तता के बीच लिए गए यह ब्रेक न सिर्फ आपके दिमाग को आराम देता है बल्कि आप शारीरिक रूप से भी अपने शरीर को रेस्ट करने का एक मौका देते है जिसके कारण आपका शरीर ज्यादा स्वस्थ लगता है। 
  • जब आप ब्रेक लेते है तो आपको अपनो के साथ वक्त गुजारने का एक मौका मिलता है जोकि आपके प्रिय जन को और करीब से समझने और उसकी परेशानियों के बारें में जानने का एक अवसर देता है। 
बहुत से रेसेच इस बात की हामी भरते है कि लाइफ में लिए गए छोटे छोटे ब्रेक आपके जीवन की गाड़ी को और भी उत्साह और जोश ले साथ ले जाने में मदद करती है। इसलिए ब्रेक ले इसमें कोई बुराई नहीं है और स्वस्थ और स्ट्रेस मुक्त हो खुश रहें।