शुक्रवार, 1 मार्च 2013

कैसे कराएं तैयारी

क्या आप अपने बच्चों के पास आते एग्जाम से परेशान हो रही है? यदि हाँ तो आपको इसकी तैयारी पहले से करके रखनी होगी। आइयें जानते है की किअसे आप अपने बच्चो को एग्जाम के लिए तैयार करें।

  • पहले से ही करें शुरुआत। हम सभी जानते है की बच्चो के फाइनल एग्जाम किस महीने में होने है तो फिर हमें उसकी तयारी करने के लिए दिन या समय का इन्तजार नहीं करना है। पहले से ही तयारी करना प्रारंभ करें ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी न हो। 
  • टाइम मैनेजमेंट करें। दिसम्बर के महीने से ही अपने बच्चे के पढने का टाईमटेबल सेट कर ले। याद रहें की उसके टाइम टेबल में सभी सब्जेक्ट्स को बराबर का समय दिया गया हो. 
  • ब्रेक दे। हर एक या डेढ़ घंटे में एक बाद अपने बच्चे को ब्रेक लेने की सलाह दे। इससे उसका दिमाग रेस्ट कर पायेगा और वोह जयादा अच्छे से आगे की पढाई कर पायेगा। अगर इस ब्रेक टाइम में आपका बच्चा टीवी देखना चाहे तो उसे थोड़ी देर टीवी देखने दे। 
  • नीद पूरी ले। यह बशुत जरुरी है की दिमाग के काम करने के लिए दिमाग को रेस्ट देना जरुरी है. इसलिए लगातार न पढ़े बल्कि उसे अपने नियमित समय पर सोने दे. जब तक उसका दिमाग रेस्ट नहीं करेगा तब तक वो नयी चीजों को याद नहीं कर पायेगा। 
  • खाना ठीक से खिलाये। बहुत अधिक तैलीय या हैवी खाना न खिलाये। बल्कि लाइट और रिफ्रेशिंग खिलये. जिसे संतरा आदि। 
  • इन सबके अलावा बच्चे को इस बात को समझाएं की वोह एग्जाम पेपर को देख कर घबराएँ नहीं और शांत मनन से अपने एग्जाम को पूरा करें। 
हर बच्चा एक दुसरे से अलग होता है। और यह जरुरी नही की आपका बच्चा स्कॉलर ही बने. अपने बच्चे के स्कोर किये गए नंबर्स को सराहे और उसे इस बात का एहसास दिलाएं की आप उस पर विशवास करते है और वो आपको प्रिय है. 

पाएं गहरी और शांत नींद

ऐसा सभी के साथ हुआ होता है कि  आप सोना चाहते है मगर आप सो नहीं पते है। आइये आज हम कुछ ऐसी बातों पर एक नज़र डालते है जो हमें गहरी और स्वस्थ नींद देने में मदद करेंगे।

  • अपने मोबाइल को कहें गुड बाय। रात में सोने से पहले या तो अपने मोबाइल फ़ोन को स्विच ऑफ कर दे या फिर उसे साइलेंट मोड में डाल दे। इससे आपका ध्यान बार बार फ़ोन की तरफ नहीं जायेंगा। 
  • टीवी को अपने बेड रूम से बाहर करें। जब तक आपके रूम में टीवी रहेगा आप चैन की नींद नहीं सो पाएंगे। 
  • रूम में रौशनी कम से कम रखे। ताकि आपके दिमाग को इस बात का अहसास हो सके की आपको अब सोना है। 
  • सोने से पहले गुनगुने पानी से नहाए। संभव हो तो हेड की मालिश करें इससे आपको आराम मिलेगा और आप सो पाएंगे। 
  • थोडा सा योग और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज आपकी मांसपेशियों की ऐंठन को दूर करेगी।
  • इन सबके आलावा यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या का शिकार है तो डॉक्टर से संपर्क करे और अपना इलाज कराये। ताकि आप चैन की नींद सो सकें। 

बुधवार, 27 फ़रवरी 2013

खाएं मगर ध्यान से

आपने न जाने कितने ही आर्टिकल्स ऐसे पढ़े होंगे जोकि आपको इस बात की सलाह देते है कि आप उन्हें "खाएं" या "नहीं खाएं"? मगर आज हम उन खाद्य पदार्थों की बात करने जा रहे हैं जिन्हें खाने से आपकी सेहत को लाभ होगा तो हो सकता है कि आपको इसका नुकसान भी उठाना पड़ें। आईए जानते है:

डेरी प्रोडक्ट्स:

इसलिए खाएं:

दूध और उससे बने खाद्य पदार्थ कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर होते है। कम कैलोरीज में कैल्शियम और विटामिन डी का इनसे बेहतर कोई स्रोत नहीं है। स्किम्ड मिल्क, लो फैट पनीर या दही, आदि का सेवन कर आप पोषक तत्व भी प्राप्त करेंगे और कैलोरीज बहुत कम।

दे ध्यान:

यदि आप यह सोच रहे है की मिल्क शेक या पुडिंग आदि का सेवन कर डेरी प्रोडक्ट्स के लाभ उठा पाएंगे तो आप गलत है। शेक या पुडिंग आदि में कैलोरीज बहुत अधिक होती है। यानी इनका सेवन करना मतलब, मोटापे को निमंत्रण देना है। साथ ही जिन लोगो को दूध को पचाने में कठिनाई होती है उन्हें दूध की जगह दही या पनीर जैसे विकल्पों का ही सेवन करना चाहिए।

केला 

इसलिए खाएं:

केला पोटैशियम और कैल्शियम युक्त होता है। जिन लोगो को हाई बीपी की समस्या है उनके लिए केला काफी लाभकारी साबित हो सकता है। साथ ही केले में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसलिए इसका सेवन पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में मदद करता है।

दे ध्यान :

अगर आप अपने वजन को कम करना चाहते है तो आप केला खा सकते है।  मगर बनाना शेक का सेवन न करें। वजन बढ़ाने में बनाना शेक का कोई सानी नहीं है।

अंडा:

इसलिए खाएं:

प्रोटीन का इससे बेहतर कोई स्रोत नहीं है। अगर आप वजन कम करना चाहते है तो केवल इसके सफ़ेद हिस्से का सेवन ही करें।

दे ध्यान :

यदि आप हाई बिपि के रोगी है या आपका कोलेस्ट्रॉल अधिक है तो आप अंडे का सेवन करते समय ध्यान दे। आपको केवन अंडे की सफेदी का सेवन करना चहिये।

मेवे:

इसलिए खाएं:

मेवों का सेवन स्वास्थ्यकारी होता है। इनमे प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी कोलेस्ट्रॉल होता है। हर रोज थोड़े से मेवों का खाने से आपको लाभ ही मिलेंगे। मगर बहुत अधिक मात्र में इसका सेवन आपको इसका नुक्सान भी पंहुचा सकता है।

दे ध्यान :

काजू का सेवन करने से आपका वजन बिना बताये बढ़ सकता है इसलिए संतुलित मात्रा में ही इनका सेवन करे।

जिस तरह हर सिक्के के दो पहलु होता है उसी तरह हर खाद्य पदार्थ के ही दो पहलु होते है. यदि आप स्वस्थ रहना चाहते है तो इसके अच्छे पहलु का चुनाव करे और हेल्दी रहें। 

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2013

ऐलोविरा जूस, नए है इसके गुण


खुबसूरत स्किन केवल बाहरी दिखावे से नही बनती है बल्कि इसके लिए स्किन व शरीर को भीतर से स्वस्थ होना बहुत जरुरी है. ऐलोविरा एक ऐसा प्रसिद्ध हर्ब है जो आपकी स्किन को भीतर से स्वस्थ बनाने के साथ-साथ आपके शरीर को भी स्वस्थ बनाता है. इसकी अद्भुत हीलिंग प्रोपर्टीज अर्थात स्वस्थ करने का गन इससे अन्य हर्ब्स से अलग करता है.

ऐलोविरा में एंटी बेक्टिरियल और एंटी वायरल विशेषताएं हैं. सरल भाषा में कहें तो ऐलोविरा बेक्टेरिया और वायरल दोनों से बचाव करने में समर्थ है. बहुत से अध्ययन भी इस बात का प्रमाण देते है कि ऐलोविरा शारीरिक समस्याओं और सोंदर्य सम्बन्धी समस्याओ के लिए बहुत लाभकारी है. इसकी यहीं विशेषताओं पर फ़िदा होकर इसका प्रयोग बहुत से ब्यूटी और हेल्थ प्रोडक्ट्स  में होने लगा है. कई सालो से आयुर्वेद में होने वाले इस हर्ब कि चर्चा इतनी अधिक है कि अब ऐलोविरा जेल, क्रीम, लोशन, टेबलेट. और जूस आदि के रूप में भी उपलब्ध होने लगा है. आईये इसके लाभों पर एक नजर डालते है :-

खुबसूरत दिखे ऐलोविरा के साथ -

ऐलोविरा जूस कि एंटी बेक्टिरियल विशेषता आपकी स्किन को नया जीवन देने में मदद करता है. ऐलोविरा शरीर को भीतर से डिटाक्स करता है और स्किन कि नमी को बनाये रखने में मदद करता है जिससे आपकी स्किन स्वस्थ बनती है. नियमित रूप से ऐलोविरा जूस का सेवन करने पर आपकी स्किन भीतर से ख़ूबसूरत बनती है. इससे न केवल आपकी स्किन को नया जीवन मिलता है बल्कि इससे बढती उम्र का स्किन पर पड़ने वाला कुप्रभाव भी कम होता है. यह झुर्रियों का इलाज करता है. यह स्किन में कोलाजन और लचीलेपन को बढा कर आपकी स्किन को जवा और खुबसूरत बनता है.

पाए स्वस्थ काया : -

  • ऐलोविरा जूस शरीर कि रोग प्रतिरक्षात्मक क्षमता को मजबूत करता है जोकि संक्रमण से बचने में मदद करता है. यह शरीर कि एनर्जी के स्तर को भी बढाता है. साथ ही ऐलोविरा जूस वजन कम करने में भी मदद करता है.
  • इन सबके अलावा यह पाचन प्रक्रिया को भी दुरुस्त करता है. सूजन कम करने और एंटी बेक्टिरियल और एंटी वायरल प्रोपर्टीज होती है जो डायजेसटिव ट्रेक को भी दुरुस्त करने में मदद करता है.
  • ऐसा माना जाता है कि जिन्हें आर्थराइटिस का दर्द होता है उनके लिए भी यह बहुत लाभकारी साबित होता है.
ऐलोविरा एक बेहतरीन हर्ब है मगर फिर भी इसके प्रयोग करने से पहले टेस्ट अवश्य कर ले.

बुधवार, 20 फ़रवरी 2013

प्रोबायोटिक ज्ञान


जब भी बात बैक्टीरिया की आती है तो हम सभी अपने दिमाग में किसी न किसी  के बारें में सोचने लगते है। जबकि वास्तविकता है कि बैक्टीरिया केवन ख़राब नहींह होते है बल्कि यह स्वास्थ्य को लाभ पहुँचाने वाले भी होते है। प्रोबायोटिक  अच्चे बैक्टीरिया या कहें स्वस्थ्कारी बैक्टीरिया की श्रेणी में आते है. आईये, मेदान्ता मेडिसिटी की न्यूट्रीशनिस्ट एंड डायबिटिस एजुकेटर, शुभदा भनौत से इस विषय में जानते है. 

क्या है प्रोबायोटिक :

प्रोबायोटिक  हमारी आंत में पहले से ही मौजूद रहते है और ये हमारे द्वारा खाएं गए भोजन को पचाने में मदद करते है.इनकी मदद से हम अपने सम्पूर्ण स्वास्थ्य को दुरुस्त कर सकते है. मगर कई बार गलत खानपान व जीवन शैली, किसी बीमारी या दवाई आदि का सबन करने से हमारे शरीर में इनकी संख्या कम हो जाती है. परिणामस्वरूप पेट में गड़बड़ी हो जाती है.

प्रोबायोटिक  का सेवन करने से पाचन तंत्र में हुए अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का अनुपात संतुलित हो जाता है. इससे पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है और आपका शरीर आपके द्वारा खाए गए भोजन से सभी पोषक तत्वों को भी प्राप्त कर पाता है.

प्रोबायोटिक के विभिन्न रूप :

खाद्य पदार्थों के आलावा हेल्थ सप्लिमेंट्स के रूप में भी इन्हें प्राप्त किया जा सकता है.

जरुरी है डॉक्टरी सलाह :

वैसे तो यह पूरी तरह से सुरक्षित होते है मगर फिर भी इनका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह अवश्य ले ले. ताकि आपको इस बात का ज्ञान हो सके की आपको कितनी मात्रा में कितने समय के लिए इनका सेवन करना है.

नियमित सेवन करें या नहीं: 

खाद्य पदार्थ जैसे दही आदि का सेवन आप जीवन भर कर सकते है मगर प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स का सेवन निर्धारित समयावधि के लिए ही करना चहिये. आपको प्रोबायोटिक का सेवन कब तक करना है इसकी सलाह डॉक्टर से ले.

याद रहें:

  • बिना डॉक्टर की सलाह के प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स का सेवन न करें 
  • अच्छे और विश्वसनीय प्रोडक्ट का ही सेवन करे।