मंगलवार, 1 जनवरी 2013

लाएं जीवन में रिफ्रेशिंग ट्विस्ट


आपकी सुबह जैसी होगी, आपका दिन भी वैसा ही होगा। जिस तरह किसी इमारत की मजबूती बुनियाद पर निर्भर करती है। ठीक तरह आपका दिन कैसा होगा ये आपकी सुबह पर निर्भर करता है। कई बार अपने इस बात नोटिस किया होगा कि जिस सुबह परेशान होकर उठाते है, वो दिन आपका बहुत ही ख़राब गुजरता है। आइये, कुछ बदलावों के साथ अपने दिन को या यूँ कहें अपने जीवन को एक रिफ्रेशिंग स्टार्ट देते है।

बदले अपना अलार्म ट्यून:

हम सभी चाहते है कि हम सुबह समय पर जागे। और इसी मिशन को पूरा करने के लिए व गहरी नींद को तोड़ने के लिए हम तेज या कर्कश आवाज वाले अलार्म ट्यून को अपनी घडी या मोबाइल पर सेट करते है। हालांकि ऐसी धुनों वाले अलार्म पर आप जाग तो जाते है मगर यह आपके सोये हुए शांत दिमाग को एक झटका देते है। इससे बचने के लिए जरुरी है कि आप ऐसी धुनों को अलार्म के लिए सेट करें जोकि मधुर हो। साथ ही इस बात का भी ध्यान दें कि आप जितने बजे जागना चाहते है, उससे करीब 15 से 20 मिनट पहले का अलार्म लगायें ताकि आप सही समय पर बिना किसी हड़बड़ी के उठ पाएं।

पाएं पॉजिटिव एनर्जी:

हर सुबह शांत मन से उठे। अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ें और अपनी आँखों  को हथेलियों से ढकें। अब हाथ-पैरों को थोडा सा स्ट्रेच करें। गहरी सांस ले, ईश्वर को याद करें और आराम से बिस्तर से उतरें। सुबह-सुबह उतावलापन दिखाने से न तो आपका शरीर आपका साथ देगा और न ही आपका दिमाग। इसलिए शांत मन से शांति के साथ शुरुआत करें।

खामोश रहें:

एक नियम बना लें कि आप सुबह उठाते ही टीवी या न्यूज़ नहीं देखेंगे।अक्सर न्यूज़ नकारात्मक चीजों को दिखाती है जोकि आपके मन में नकारात्मक सोच का संचार करती है। साथ ही प्रयास करें कि आप सुबह के कम से कम दो घंटे खामोश रहेंगे या कम से कम बोलेंगे ऐसा करने से आप अपनी शक्ति और ऊर्जा को बचा कर रखते है जिसका प्रयोग आप बाकी दिन के कार्यों को करने में कर सकते है।

व्यायाम करें:

हम सभी के पास समय की कमी है। मगर यह जरुरी है कि हम सभी हर रोज 15 से 20 मिनट व्यायाम करने के लिए निकालें। व्यायाम करने से शरीर के सभी अंगों में रक्तसंचार दुरुस्त होता है और आप अपने आपको फिट महसूस करते है।

ब्रेकफास्ट करें:

जल्दबाजी के चक्कर में हम सभी ब्रेकफास्ट करना छोड़ देते है। जबकि सुबह-सुबह खाना खाना बहुत जरुरी है। ब्रेकफास्ट आपको एनर्जी देता है। साथ ही जो लोग ब्रेकफास्ट करते है,वे ज्यादा फिट और स्वस्थ रहते है।इसके अलावा पानी पीना बिलकुल भी न भूलें। जंक फ़ूड से बचें और हैल्दी खाना खाएं।

स्ट्रेस न लें:

अपनी प्राथमिकताओं को समझे और उसके अनुसार कार्य करें। यह आपके स्ट्रेस को कम करने में आपकी मदद करेगा। साथ ही छोटी-छोटी समस्याओं पर परेशान न हो बल्कि शांति और धैर्य के साथ उनका हल खोजने का प्रयास करें।

उमींद करते है कि यह चंद कदम आपके बोरिंग व परेशान जीवन को एक रिफ्रेशिंग स्टार्ट देगा। 

मंगलवार, 18 दिसंबर 2012

सेलिब्रेट करें, क्रिसमस केक के साथ 

दिसम्बर का महीना यानी क्रिसमस और नए साल के जश्न का महीना, जो अपने साथ लेकर आएगा खूब सारी पार्टीज और स्वादिष्ट भोजन की बहार। ख़ुशी के इन पलों को बिना मीठे नही मनाया जा सकता है। तो फिर चलिए, मिलकर कुछ स्वादिष्ट केक रेसिपी पर चर्चा करते है।

चॉकलेट चिप एंड नट केक 

सामग्री :  2 ½ कप मैदा, 3 छोटे चम्मच बेकिंग पाउडर, 1 छोटा चम्मच बेकिंग सोडा, 1/4 छोटा चम्मच नमक, 1 कप मक्खन, 1 कप चीनी, 3 अंडे, 1 कप कटे हुए मेवें (विशेष रूप से अखरोट), 2 छोटे चम्मच सौर क्रीम, 1 कप चॉकलेट चिप्स, 1 कप वैनिला, 1/2 कप ब्राउन शुगर, 2 छोटे चम्मच दालचीनी

कैसे बनाएं : ओवन के तापमान को 350 डिग्री पर सेट कर, उसे गर्म कर ले। पेन पर अच्छे से मक्खन की परत लगा ले। अब बेकिंग सोडा, बेकिंग पाउडर और नमक को मैदे में मिला ले। इसी मिश्रण में मेवों को मिला दें। दूसरे बर्तन में मक्खन, चीनी और अण्डों एक साथ फेंट लें। इसी मिश्रण में सौर क्रीम और वैनिला को भी मिला ले। अब दोनों मिश्रण को एक साथ मिला दे। 1/2 कप चॉकलेट चिप्स, ब्राउन शुगर और दालचीनी को मिक्स कर दे। अब आधे मिश्रण को मक्खन लगे पेन में फैलाएं और उस पर चॉकलेट चिप्स वाले मिश्रण की एक परत फैला दे। अब बाकि बचे मिश्रण को अच्छे से फैला दे। अंत में चॉकलेट चिप्स को ऊपर से डाल दे। गर्म ओवन में इसे 20 मिनट तक बेक करें। समय पूरा होने पर इसे ओवन से बाहर निकाल दे और 5 मिनट के लिए ठंडा होने दे। केक को पेन से निकले और गर्मागर्म सर्व करें।

सेब दालचीनी मफिन्स

सामग्री: 2 सेब, 1 कप मैदा, 1/2 छोटा चम्मच बेकिंग पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच बेकिंग सोडा, 1 कप मक्खन, 1 कप पीसी हुई चीनी, 1 छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच वैनिला एसेंस, 1/2 कप कटे हुए अखरोट, 2 से 3 बड़े चम्मच दूध, मफिन मोल्ड को ग्रीस करने के लिए थोडा सा मक्खन

कैसे बनाएं : ओवन के तापमान को 200 डिग्री पर सेट कर, उसे गर्म कर ले। मफिन मोल्ड्स पर मक्खन लगा ले। सेब को छोटे टुकड़ों में काट कर अलग रख ले। मैदे में बेकिंग सोडा और पाउडर मिला ले। एक बर्तन में मक्खन ले और उसे तब तक फेंटे जब तक मक्खन मुलायम न हो जाये। अब इसमें पीसी हुई चीनी को अच्छे से मिला दे। अब इसी में कटे हुए सेब, दालचीनी और वैनिला एसेंस को भी मिला दे। अब थोडा-थोडा कर इसमें मैदा और अखरोट को भी मिलाये।
अब हर मोल्ड में 2 चम्मच मिश्रण को डालकर इसे ओवन में 20-25 मिनट के लिए रख दे। समय पूरा होने पर मफिन्स को बाहर निकल ले और सर्व करें।

ऐगलेस कंडेंस्ड मिल्क वैनिला केक

सामग्री: 140 ग्राम मैदा, 1½ छोटे चम्मच बेकिंग पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच सोडा, 200 ग्राम  कंडेंस्ड मिल्क,60 ग्राम पिघला मक्खन, 1 छोटा चम्मच वैनिला एसेंस

कैसे बनाएं : मैदा, बेकिंग पाउडर और सोडा को मिला ले। अब एक अलग बर्तन में कंडेंस्ड मिल्क, पिघला मक्खन, वैनिला एसेंस, 75 मिलीलीटर पानी को अच्छे से मिलाएं। अब दोनों  मिश्रणों को एक साथ मिला ले। मिश्रण को मक्खन लगे पेन में डाले और 200 डिग्री पर ओवन में 10 मिनट के लिए बेक करें। 10 मिनट बाद तापमान 150 डिग्री कर दे और 15 मिनट तक बेक करें।
तैयार केक को गर्मागर्म सर्व करें।

मंगलवार, 11 दिसंबर 2012

रहें फिट डांस योग के साथ 

डांस योग के साथ आप स्वस्थ तन और मन की प्राप्ति कर सकते है। या यूँ भी कह सकते है कि डांस योग, नाचने के आनंद और योग के लाभ का एक परफेक्ट मिश्रण है। नाचते समय हम भावनाओं को व्यक्त करते है और योग हमारे तन-मन को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसलिए डांस योग को करते समय आप बोर नहीं होते है बल्कि आपको इसे करते हुए और भी आनंद मिलता है। यह एक तरफ एरोबिक है तो दूसरी तरफ रिलैक्सिंग भी।

योग का बढ़ता प्रचलन :

विश्व भर में योग और उससे मिलने वाले लाभों की चर्चा का बाज़ार गर्म है। सभी जानते है कि यदि आप आसनों को सही तकनीक से करें तो उससे केवल लाभ ही मिलेगा। साथ ही योग में उम्र की कोई सीमा नही है। कोई भी उम्र का व्यक्ति संगीत की धुनों पर इस योग को कर सकता है। डांस योग शक्ति के साथ-साथ शरीर में लचीलापन लाने में भी मदद करता है।

ताल मिलाते आसन :

डांस योग में नृत्य की कुछ मुद्राएं होती है। ये मुद्राएं आपके ऑरा और प्राण शक्ति (जीवन शक्ति ) को मजबूती देते है। इससे आपके भीतर सकारात्मक शक्ति का संचार होता है। इसमें जिन नृत्य मुद्राओं को लिया जाता है उसका सम्बन्ध कत्थक शैली से है। नृत्य की ये मुद्राएँ बहुत ही सरल है और कोई भी उम्र का व्यक्ति इसे आसानी से कर सकता है। डांस योग के लिए विशेष प्रकार के संगीत को तैयार किया गया है। प्राणायाम, संगीत सम्बन्धी आसन, योग निद्रा और मन्त्रों द्वारा किये जाने वाले ध्यान को मिला कर इस प्रोग्राम को बनाया गया है।

डांस योग करने से शरीर की आंतरिक शक्ति का विकास होता है। यदि शरीर की आंतरिक शक्ति मजबूत होगी तो आपका हृदय भी स्वस्थ रहता है। ऐसा माना जाता है कि डांस योग करने से तनाव, अवसाद, अनिद्रा, एलर्जी, मोटापा, हृदय सम्बन्धी समस्याओं से निजात पाने में मदद मिलती है।

आनंदमयी डांस योग का लाभ उठाएं और मनोरंजन के साथ स्वस्थ शरीर भी पाएं. 

बुधवार, 5 दिसंबर 2012

चुनें सही परफ्यूम 

यदि आपको किसी महिला मित्र को कोई गिफ्ट देना हैं तो आप सबसे पहले किस विकल्प को चुनेंगे? जी हाँ, ज्यादातर लोग परफ्यूम्स को ही प्राथमिकता देंगे। लेकिन अब परफ्यूम्स का सम्बन्ध केवल महिलाओं से नहीं रह गया है बल्कि पुरुषों  ने भी अब इससे महत्त्व देना शुरू कर दिया है। इतना होने के बावजूद भी हम अक्सर परफ्यूम खरीदते समय गलतियाँ कर देते हैं। आइए, जानने का प्रयास करते है कि कैसे आप परफेक्ट परफ्यूम का चुनाव करें। 

परफ्यूम किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को उभारने में मदद करते है। सरल भाषा में कहें तो ये आपकी पर्सनालिटी में चार चाँद लगाते है। वैसे तो परफ्यूम्स कई खुशबुओं या प्रकारों में होते हैं। मगर इसके मुख्य प्रकार है : फ्लोरल, वुडी, स्पाइसी, ओरिएंटल, ग्रीन, आदि। 

कैसे करें चुनाव :
  • सबसे पहले प्राथमिकता दे अपनी पसंद को। आपको जिस तरह की खुशबू पसंद है, उसी के अनुसार अपने परफ्यूम का चुनाव करे।
  • ऐसी खुशबू को चुनने जो आपके व्यक्तित्व को दर्शाती हो। जैसे यदि आप दोस्तों के साथ बाहर जा रहे है तो आप इस अवसर के लिए तेज खुशबू वाले परफ्यूम को चुन सकते है। 
  • सबसे जरुरी बात, हमेशा परफ्यूम को खरीदते समय उसे अपनी स्किन पर टेस्ट अवश्य कर ले। याद रहें, हम सभी की स्किन की एक नेचुरल महक होती है। जब प्रयोग किये गए परफ्यूम की खुशबू, आपकी स्किन की नेचुरल खुशबू से मिलती है तब उस परफ्यूम की असल महक थोड़ी सी बदल जाती है। इसलिए ये बिल्कुल भी जरुरी नहीं है कि जो परफ्यूम आपकी दोस्त पर अच्छी लगती है वह आप पर भी अच्छी लगेगी।
  • परफ्यूम हमेशा किसी अच्छी जगह से ही ख़रीदे। साथ ही पसंद आने वाले परफ्यूम के फॅमिली के अन्य परफ्यूम पर भी एक नजर डाल ले। 
  • इन सब बातों के अलावा अपने बजट का भी ध्यान रखें। 
एक ज़माना था जब लोग केवल एक ही खुशबू के परफ्यूम को अपना लेते थे। मगर आज स्थिति कुछ और ही है। आज आप अवसर और जरुरत के अनुसार अपने परफ्यूम में बदलाव ला सकते है। तो अगली बार जब भी परफ्यूम खरीदने के लिए जाएँ तब इन बातों को अवश्य ध्यान में रखे और अपने लिए बेस्ट परफ्यूम का चुनाव करें। 

शुक्रवार, 23 नवंबर 2012

टैलेंट नही होता विक्लांगता का मोहताज


कहते हैं ना दोस्तों जब जज्बात हो आगे बढ़ने का तो रास्ता खुद ही बनता चला जाता है। चाहें आप शारीरिक और मानसिक रूप से कितने ही कमजोर हों मगर टैलेंट कभी छुपता नही। हर इंसान में कुछ ना कुछ टैलेंट होता है, चाहें वो नाॅर्मल हो या एब्नाॅर्मल। इस स्टोरी में हम आपके सामने ऐसे ही दो टैलेट की सफलता के बारे में बता रहे हैं। जिन्होंने अपने परिवार वालों का ही नहीं, देश का सीना भी गर्व से उंचा किया है। इन्हांेने कभी भी अपनी विक्लांगता को अपनी कमजोरी नही बनने दिया।

तीन दिसंबर को विश्व विक्लांगता दिवस है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम लेकर आये हैं आपके सामने कि कैसे लोग विक्लांग होने के बावजूद भी अपने सपनों को साकार करते हैं। अगर आप को कोई भी विक्लांगता है तो आप भी हमारे इन हीरो से प्रेरणा लेकर सफलता की वो दास्तां लिख सकते हो जिसके लिए लोग तरसते हैं। जिस सफलता पर अपने ही नही, दुनिया वाले भी आपको सलाम करते हैं।

नानकचंद एग्लो काॅलिज की मानोविज्ञान विषय की प्रोफेसर रीतिका रस्तोगी कहतीं हैं कि कुछ लोगों में ऐसी भावना आ जाती है कि मैं तो विक्लांग हूॅ मैं खेल नहीं सकता, मैं गा नही सकत, मैं लोगों के सामने अपने आप को सही से प्रस्तुत नहीं कर सकता। यहीं हींन भावना विक्लांग लोगों को आगे बढ़ने से रोकती है। अगर इसी हीन भावना को इनके अंदर से निकाल दिया जाये तो ये लोग आसमान की बुलंदियों को छूने को तैयार रहते हैं।

एच. एन. गिरिश, लंदन पैराआॅलंपिक के सिल्वर मेंडलिस्ट। इन्होंने हर भारतीय को उस वक्त गौरवान्वित कर दिया जब दुनियाभर के एथलीटों को पछाड़े हुए पुरूष उंची कूद में दूसरा स्थान हांसिल किया। उस वक्त हर भारतीय खेल प्रेमी का सीना गर्व से चैड़ा हो गया था। क्योंकि पदक जीतकर भारत का तिरंगा फहराने वाले वो भारतीय दल के अकेले युवा थे।

गिरिश के बारे में जानने के लिए हमने बात की उनके पिता श्री नागेराजे गोंडवा से। उनके पिता ने बताया कि गिरिश का जन्म 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस के दिन 1988 को हुआ। वैसे तो देशप्रेम की भावना इसी बहाने गिरिश में बचपन से ही पैदा हो गई थी। उनका एक पैर बचपन से ही बीमारी का शिकार हो गया था, इस वजह से उन्हें युवा जीवन में कई परेशानियां देखनी पड़ी। मगर उनका हौंसला कभी कमजोर नही हुआ।

टैलेंट की पहचान
जब कर्नाटका स्पोर्टस एसोसिएशन फोर फीजिकली हैंडिकेप्ट के सदस्यों ने देखा कि एक हैंडिकेप्ट लड़का नाॅर्मल लड़कों को पीछे छोड़ रहा है तो तुरंत गिरिश के टैलेंट को पहचानकर एसोसिएशन में आने का न्यौता दे दिया। फिर क्या था गिरिश ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा और आज वो देश के चोटी के एथलीटों में गिने जाते हैं।

सफर सफलता का
गिरिश की सफलता की कहानी तो उस वक्त ही लिखी जा चुकी थी, जब उन्हें पहली बार स्टेट लेवल मीट में नाॅर्मल एथलीटों को चुनौती दी। इंटरनेशनल लेवल पर गिरिश ने जूनियर पैरा आॅलंपिक खेलों में आयरलैंड में कांस्य पदक जीतकर पहली बार अपनी प्रतिभा का नमूना पेश किया। इसके बाद गिरिश ने नेशनल हाई जंप चैपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश में अपने आप को सर्वश्रेष्ठ साबित किया। गिरिश ने कुवैत और मलेशिया की एथलीट मीट में भी गोल्ड मैण्डल अपने नाम किया। लेकिन हर एथलीट का जो सपना होता है कि वो आॅलंपिक में आपे देश के लिए मेण्डल जीते। गिरिश की ये ख्वाहिश उस वक्त पूरी हो गई जब उन्होंने लंदन पेराआॅलंपिक में सिल्वर मैण्डल जीता। इसके बाद देश का हर खेल प्रेमी गिरिश की सफलता का गुणगान करने लगा।

मलाल गिरिश का
गिरिश के पिताजी कहते हैं कि उसने यहां तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत की। एक बार तो गिरिश थक गया और बोला कि में हैंडीकेम हूं और दूसरे एथलीटों को चुनौनी नही दे सकता। लेकिन इसी वक्त कर्नाटका स्पोर्टस एसोसिशन के कोच ने उसे मनौवैज्ञानिक रूप से इतना मजबूत बना दिया कि कभी उसने अपनी विक्लांगता के बारे में नही सोचा। लेकिन आज हमें इस बात का दुख है कि दूसरे आॅलंपिक मेण्डल धारकों की तरह सरकारों और आयोजकों ने सम्मान नही दिया।

समाज विक्लांगों के टैलेंट को जाने
गिरिश कहते हैं कि हमारा समाज विक्लांग लोगों के टैलेंट को आज भी उस नजर से नही देखता जिस नजर से नाॅर्मल लोगों को लिया जाता है। आज लोगों को उनकी लाइफ के साथ भावुकता का जुड़ाव दिखाने के साथ ही इस टैलेंट को वास्तविक टैलेंट मानने की जरूरत है।

अब हम बात करते हैं टीवी रीयलटी शो इंडिया गाॅट टैलेंट की, जिसमें कई शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हर उम्र के लोग अपने टैलेंट से लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। इनमें से कमल किशोर शर्मा भी एक हैं। जिनकी उम्र 53 साल है। वो बोल नही सकते, सुन नहीं सकते, लेकिन फिर भी वो हर उस इंसान की तरह जी रहे हैं जैसे नाॅर्मल इंसान अपनी जिंदगी को जीता है। बल्कि उनके पारिवारिक जीवन को देखकर तो ऐसा लगता है जैसे जिंदगी में कोई कमी है ही नही।

ख्वाहिश दुनिया को अपना टैलेट दिखाने की
वैसे तो एक इंसान जो सुन नही सकता, बोल नही सकता उसकी पारिवारिक और सरकारी नौकरी को देखकर किसी को भी हैरानी हो सकती है। कमल जी का भरा पूरा परिवार हमें दिखाता है कि विक्लांगता को ओढ़ना नही चाहिए। आज कमल जी एक नाॅर्मल इंसान की तरह अपनी सरकारी नौकरी करते हैं। उनके अपने प्यारे बच्चे हैं। मगर उनकी ख्वाहिशें आज भी रूकने का नाम नही ले रहीं। उनकी एक ख्वाहिश थी कि इंडिया गाॅट टैलेंट में जाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना। जिसे पूरा करने के लिए वो पहुंचे अपने परिवार के साथ इंडिया गाॅट टैलेंट में। जहां जज और दर्शक उनके टैलेंट के कायल हो गये।

परिवार ने दिया हर कदम पर साथ
कमल किशोर कहते हैं कि मेरा परिवार हमेशा मेरे साथ खड़ा रहा। चाहें मेरा बचपन हो जिसमें मेरे मम्मी-पापा ने मुझे कभी भी अलग नही समझा। मुझे कभी भी मेरी कमजोरी का अहसास नही होने दिया। आज भी मेरी पत्नी और मेरा बेटा हर वक्त मेरे साथ खड़े होते हैं।

कहानी रीयलटी शो की
टीवी पर रीयलटी शो को देखते हुए मेरे मन में आया कि मैं भी यहां अपना टैलेंट दिखा सकता हूं। जब मैने ये बात अपने बेटे और अपनी पत्नी से बताई तो वो एकदम से खुश हो गये। मेरा बेटा गौरव शर्मा मेरे साथ इंडिया गाॅट टैलेंट में मेरे साथ आया। मुझे यहां आकर अपने आप पर अब तो इतना विश्वास हो गया कि मैं वो हर काम कर सकता हूं जो एक आम इंसान कर सकता है।

कमल किशोर कहते हैं कि मैं उन लोगों से एक बात ही कहना चाहता हूं जो शारीरिक रूप से कमजोर हैं, वो कोई भी कार्य करते वक्त ये ना सोचें कि मैं ये काम नही कर सकता बल्कि ये सोचें कि मैं ये काम कैसे कर सकता हूं।
आपने हमारे साथ हमारे दो हीरो के बारे में जाना कि कैसे उन्होंने अपनी कमजोरी को कभी भी अपने रास्ते में नहीं आने दिया। कैसे वो सफलता सीढि़ चढ़ते चले गये। तो फिर आप क्यों नही कर सकते ऐसा। तो आज से ही रखिए अपने जीवन में एक टार्गेट। क्योंकि इस टार्गेट को प्राप्त करने के लिए आपके साथ होगी हमारे इन हीरोज की प्रेरणा।