प्यार के मोसम यानि बसंत स्पेशल पर स्टोरी
विशेषज्ञों की मानें, तो अगर आप किसी के प्यार में होते हैं तो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी बनी रहती है, क्योंकि जब आप किसी के साथ रिलेशनशिप में होते हैं तो आपका शरीर फील गुड हार्मोस रिलीज करता है। इसके कारण आपका मूड अच्छा रहता है और आप बीमारियों से दूर रहते हैं। तनाव कम होता है
इस स्थिति में आप ज्यादा कूल और पॉजिटिव होते हैं। इससे आपको तनाव कम होता है और आप डिप्रेशन से दूर रहते हैं। प्यार का सही डोज महिलाओं को सुरक्षित बनाता है। दर्द बेअसर
जब आप किसी के सच्चे प्यार या अच्छी रिलेशनशिप में होते हैं तो आपके अंदर विश्वास की भावना तेजी से बढ़ती है। फीलिंग्स को शेयर करने की भावना आती है। इसलिए बेहतर रिलेशनशिप आपको दर्द से लड़ने की हिम्मत देती है। बढ़ती है रचनात्मकता
रिलेशनशिप से खुश होते हैं तो आपकी परफॉर्मेस भी अच्छी होती है और आप क्रिएटिविटी भी दिखा पाते हैं। तनाव रहेगा दूर
मजबूत संबंध में लड़ाई नहीं होती, क्योंकि आप समस्याओं का हल लड़कर नहीं, बल्कि बातचीत करके निकालते हैं। किसी का सपोर्ट मुश्किलों से लड़ने की ताकत देता है। आप रक्तचाप, माइग्रेन आदि से दूर रहते हैं। क्या कहते हैं कार्डियोलॉजिस्ट
आप अच्छी तरह जानते हैं कि रिलेशनशिप के दौरान आप का एटीट्यूड कितना पॉजिटिव होता है। आप खुद में एक सहजता पाते हैं। इससे आपके शरीर में रक्त का संचार भी ठीक रहता है। खुशी की वजह से तनाव जैसी समस्या भी नहीं होती। जब आपका रक्त संचार ठीक होता है तो आपको ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम भी नहीं होती। सेहत के लिए भी नगीना, फरवरी का महीना
डॉ़ अरूणा ब्रूटा, मनोचिकित्सक कड़क की सर्दी के बाद जब वसंत ऋतु का आगमन होता है तो मौसम खुलने लगता है। इस फरवरी के महीने में ही सबसे ज्यादा फूलों की उपज होती है। जहां देखो चारों ओर, बागों में, फिजाओं में, सब जगह रंग ही रंग होते हैं। वातावरण सुरीला, संगीतमय और खुशनुमा है। ऐसे में वेलेंटाइन डे आपके व्यवहार में चार चांद लगा देता है। आप खुद को बेहतर ढंग से अभिव्यक्त कर पाते हैं। आपका दिल खुद-ब-खुद बाहर निकलने को मचलने लगता है। आप सैर करना, व्यायाम करना शुरू कर देते हैं जो स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा होता है। फरवरी का ये महीना सिर्फ रोमांस और प्यार के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहतरीन माना जाता है, क्योंकि इस महीने में फलों की भरमार देखने को मिलेगी। कीनू, संतरा, अंगूर, सेब, अनार, केले, पपीता सब आपको इस महीने में आराम से उपलब्ध हो जाते हैं। जब हम अच्छा खाते हैं तो हमारे विचार भी अच्छे हो जाते हैं। शोध कहता है कि इस महीने में ईर्ष्या, जलन, तेरा-मेरा और चुगली जैसी भावनाएं खुद-ब-खुद कम हो जाती हैं। जब आप प्यार में होते हैं तो सेहत, नियमितता और अनुशासन की भावना आपमें खुद ही आ जाती है।

